04/04/2013


मेरी ख़्वाहिश है कि आँगन में न दीवार उठे, 

मेरे भाई मेरे हिस्से की जमीन तू रख ले...

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए