04/04/2013

लगता है कई रात का जागा है मुसव्विर* ,

तस्वीर से आँखों की थकन झाँक रही है ।। 

- चित्रकार

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए