04/04/2013


तेरी यादें भी हैं मेरे बचपन के खिलौने जैसी,

तन्हा होते हैं तो इन्हें ले कर बैठ जाते हैं...

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए