27/05/2013

चुपके-चुपके रात-दिन आंसू बहाना याद है

हमको अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है,  

-Gazal

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए