29/06/2013

"गर लफ्ज़ों में कर सकते बयान इंतेहा-ए-दर्द-ए-दिल,
लाख तेरा दिल पत्थर का सही, कब का मोम कर देते"

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए