16/08/2013

रात भर, रात को, इक रात जगाया जाए... आखिर
इसको पता तो चले कि हम पे क्या गुज़रती है !!!

No comments:

Post a Comment

रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए