25/10/2015

गुफ्तगू करते रहा कीजिये यही इंसानी फितरत है,
सुना है, बंद मकानों में अक्सर जाले लग जाते हैं...

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रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए