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ज्यादा मिठाई अच्छी नहीं लगती  झूठी वाहवाही अच्छी नहीं लगती सच, हक में .. फायदेमंद भी, पर  हमें कड़वी दवाई अच्छी नहीं लगती  तुझे ही हो मुबारक़ बुज़ुर्गों की हवेली  ये दीवार मेरे भाई अच्छी नहीं लगती  मोहब्बत में तकरार लाज़मी है मगर  पर अब ये लड़ाई अच्छी नहीं लगती लुत्फ़ आता है हमें भी यूँ तो पर हरदम बुराई अच्छी नहीं लगती किसे है गुरेज़ ठहाकों कहकहों से पर जगहंसाई अच्छी नहीं लगती कुबूल है तेरी सारी बेवफ़ाइयां, ऐ दोस्त तेरे मुंह से सफाई अच्छी नहीं लगती चुरा ली नींदे नरम पलंग ने, पर क्या करें घर में अब च… Read more