10/04/2013

लिपट कर हर एक ईट से रो दिए हमने,

पुरानी हवेली गिराने से पहले!!

No comments:

Post a Comment

रंग बातें करें और बातों से ख़ुश्बू आए दर्द फूलों की तरह महके अगर तू आए